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क्यों चर्चा में है लक्षद्वीप? कभी हिंदुओं और बुद्धों का हुआ करता था स्थान, जानिए - कैसे पहुंचे यहां मुसलमान..

Why is Lakshadweep in discussion? This was once the place of Hindus and Buddhas, know how Muslims reached here..

 
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हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप की यात्रा की और इस यात्रा की तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की इन तस्वीरों को देखने के बाद में लक्षद्वीप चर्चा में आ गया वहीं पीएम मोदी के द्वारा शेयर की गई इन तस्वीरों के बाद में  लक्ष्यद्वीप टूरिज्म के प्रचार के बाद लोग इस जगह को मालदीव से कंपेयर करने लगे। 

बॉयकॉट मालदीव का लगा नारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर किया तो मालदीव के मंत्री को यह सब रास नहीं आया और उन्होंने इस संबंध में भारत पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी इसके बाद में ट्विटर एक पर 'बॉयकॉट मालदीप' ट्रेड करने लगा लोगों के इस विरोध को देखने के बाद में मालदीप के मंत्री ने अपना ट्वीट को डिलीट कर दिया. 

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आज हम आपको लक्षद्वीप के इतिहास के बारे में बताने वाले हैं आज हम आपको बताएंगे कैसे हिंदू और बुद्ध प्रभाव वाला लक्षद्वीप इस्लाम बहुल हो गया है. लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है जिसमें 36 दीप है इसका क्षेत्रफल 32 वर्ग किलोमीटर है और यहां पर सबसे ज्यादा मुस्लिम रहते हैं. यहां लगभग 90 %आबादी मुस्लिम है. 

कैसे बना मुस्लिम बहुल क्षेत्र ?

मुस्लिम आबादी से पहले यहां पर हिंदुओं और बुद्ध का प्रभाव था लेकिन 631 ईसा पूर्व में यहां उबैदुल्लाह द्वारा इस्लाम पहुंचा। हिंदुओं और उद्यम की प्रभाव वाला यह स्थान  मुस्लिम बहुल कैसे बना इसके बारे में कथा है कि, राजा चेरामन पेरूमल ने 825 ईस्वी में इस्लाम धर्म कबूल लिया था और अरब से इस का अधिक संपर्क हो गया था जिस वजह से इस्लाम का प्रभाव यहां अधिक हो गया. 

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आजादी के बाद लक्षद्वीप को मद्रास प्रेसीडेंसी में शामिल कर दिया गया और इसके बाद इसे केरल में शामिल कर लिया गया। आपको बता दें कि लक्षद्वीप एक केंद्र शासित प्रदेश है राष्ट्रपति के द्वारा चुने गए प्रशासन के द्वारा यहां का शासन चलता है। यहां की स्थानीय सरकार है जिसे लक्ष्यद्वीप प्रशासन कहते है.

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